ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिलेगा अशोक चक्र, ISS जाने वाले पहले भारतीय

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनके अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर ऐतिहासिक मिशन के दौरान असाधारण साहस और उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके अदम्य साहस और जिम्मेदारी के साथ मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए दिया जा रहा है। शुभांशु ने अंतरिक्ष में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हुए भारत का नाम पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन (Axiom-4 Mission) के तहत 25 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। वे विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की है। शुभांशु ने स्पेस में लगभग 20 दिन बिताए और 14 जुलाई 2025 को पृथ्वी पर सुरक्षित लौटे।
इस मिशन के दौरान शुभांशु ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जो जैवचिकित्सा विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान, कृषि, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उन्नत सामग्री विज्ञान जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े थे। इन प्रयोगों का उद्देश्य न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए नई वैज्ञानिक खोजों को आगे बढ़ाना था।
शुभांशु शुक्ला का यह मिशन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनका यह सफर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में सहायक होगा।
इस उपलब्धि के साथ शुभांशु शुक्ला न केवल अपने साहस के लिए बल्कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में योगदान के लिए भी याद किए जाएंगे। अशोक चक्र मिलने से उनका यह योगदान और भी सम्मानित होगा।
इस प्रकार, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का यह अंतरिक्ष मिशन भारत के लिए गर्व का विषय है और आने वाले वर्षों में देश को और अधिक सफलताओं की ओर ले जाएगा।